क़ुतुब मीनार की लम्बाई कितनी है?

हेलो दोस्तों,

एक बार फिर आप सबका स्वागत है Hindidigital में, आज हम बात करेंगे Qutub Minar के बारे में की क़ुतुब मीनार की लम्बाई, Qutub Minar का हिस्ट्री क्या है, क़ुतुब मीनार कहाँ हैं, क़ुतुब मीनार किसने बनाया और भी बहुत कुछ तो ध्यान से पढ़ें।

The Qutub Minar जिसको हम Qutb Minar और क़ुतब मीनार भी बोलतें हैं। क़ुतुब मीनार का मतलब है मीनरेट और विक्ट्री टावर जो की क़ुतुब परिवार का हिस्सा है। यह नई दिल्ली, भारत के महरौली एरिया में स्थित है। यह दिल्ली सहर का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला पर्यटन स्थलों में से एक है।

 

क़ुतुब मीनार की लम्बाई – qutub minar ki lambai.

दिल्ली से कुछ किलोमीटर दूर 13वीं सताब्दी में क़ुतुब मीनार बना था। अगर कुबूब मीनार की लम्बाई की बात करें तो यह लाल बलुआ पत्थर से बना हुआ एक 72.5 मीटर लम्बा टावर है, जिसका चौड़ाई 2.75 मीटर है। अब अगर क़ुतुब मीनार के अगल बगल की बात करें तो वहाँ पर फुनेरारी बिल्डिंग है, विशेष रूप से शानदार अलाई दरवाज़ा गेट है, इंडो-मुस्लिम कला की मास्टरपीस (जो की 1311) में बनी थी, और दो मस्ज़िद, जिनमे कुवातु एल इस्लाम शामिल है, जो की उत्तरी भारत में सबसे पुरानी है।

 

Qutub Minar History (क़ुतुब मीनार का इतिहास)

चलिए अब इसके हिस्ट्री की बात करतें हैं, कुतुब मीनार ढिल्लिका के गढ़, लाल कोट के खंडहरों पर बनाई गई थी। कुतुब मीनार कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद के बाद शुरू हुई थी, जिसे 1192 के आसपास दिल्ली सल्तनत के पहले शासक कुतुब-उद-दीन ऐबक ने शुरू किया था।

आमतौर पर यह माना जाता है कि क़ुतुब मीनार का नाम कुतुब-उद-दीन ऐबक के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने इसकी सुरुवात की थी। यह भी संभव है कि इसका नाम 13वीं शताब्दी के सूफी संत ख्वाजा कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी के नाम पर पड़ा हो, क्योंकि शम्सुद्दीन इल्तुतमिश उनके भक्त थे। आपकी जानकारी के लिए बता दूँ की क़ुतुब मीनार को 1993 में यूनेस्को (UNESCO) द्वारा विश्व धरोहर स्थल की सूची में जोड़ा गया था।

क्या आपको पता है 1505 में, एक भूकंप आया था जिसने कुतुब मीनार को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिसकी मरम्मत सिकंदर लोदी ने की थी। और फिर एक बार 1 सितंबर, 1803 को एक बहुत बड़े भूकंप ने फिर क़ुतुब मीनार को गंभीर क्षति पहुंचाई थी। ब्रिटिश भारतीय सेना के मेजर रॉबर्ट स्मिथ ने 1828 में टावर का जीर्णोद्धार किया और पांचवीं कहानी पर एक स्तंभित गुंबद स्थापित किया, जिससे छठा बना। 1848 में द विस्काउंट हार्डिंग, जो भारत के गवर्नर जनरल थे, के निर्देशों के तहत गुंबद को नीचे ले जाया गया था।

उन दिनों। इसे कुतुब मीनार के पूर्व में जमीनी स्तर पर फिर से स्थापित किया गया, जहां यह बनी हुई है। इसे “स्मिथ की मूर्खता” के रूप में जाना जाता है।अगर आपको क़ुतुब मीनार के हिस्ट्री के बारे में और जानकारी चाहिए तो इसे पढ़ें। History of Qutub Minar.

 

Qutub Minar Kisne Banaya (क़ुतुब मीनार किसने बनाया)

क़ुतुब मीनार का कंस्ट्रक्शन कीटुब-उद-दिन ऐबक(Qutab-ud-din Aibak) जो की दिल्ली के सबसे पहले मुस्लिम शासक थें इनके द्वारा 1200 AD में सुरु किया गया था, लेकिन ऐबक ने सिर्फ क़ुतुब मीनार का बेसमेंट ही बनवाया था। मीनार के आगे की कंस्ट्रक्शन की जिमेदारी ऐबक के सक्सेसर ईतुत्मिश(IItutmush) के हाथों में गई लेकिन इन्होने भी क़ुतुब मीनार का सिर्फ तीन माला ही बनवा पाया। फिर जाके अंतिम का दो माला फ़िरोज़ शाह तुगलक(Firoz Shah Tughlak) के द्वारा पूरा करा गया। क़ुतुब मीनार में ऐबक से तुगलक के समय की डिफरेंट आर्किटेक्चरल स्टाइल साफ़ साफ़ रूप में दिखाई पड़ती है।

 

Conclusion

तो दोस्तों उम्मीद करता हूँ यह पोस्ट (क़ुतुब मीनार की लम्बाई) पूरा जरूर पढ़ा होगा। और यह भी उम्मीद करतें हैं की आपको यह पोस्ट informative और अच्छा भी लगा होगा और लगे क्यों न हमने जो इतना अच्छे से समझाया है। हमारा हमेशा से यही मोटो रहा है की हम अपने उसेर्स को सही और पॉइंट to पॉइंट इनफार्मेशन दे ताकि उसेर्स को ज्यादा अच्छा से समझ आये। तो क़ुतुब मीनार की लम्बाई इससे जुड़ा हर प्रॉब्लम आपको समफ्त हो गया होगा की कहाँ पर है, किसने बनवाया और भी कुछ कुछ।

और हाँ अगर आपको इस पोस्ट में कही भी कोई भी प्रॉब्लम या मिस्टेक लगे तो आप हमे बेजिझक मैसेज या कमेंट कर के बता सकतें हैं हम जल्द से जल्द एक्शन लेंगे और उसे सही कर देंगे। अंत में यही कहूंगा की अगर आपको यह पोस्ट क़ुतुब मीनार की लम्बाई वाकई में अच्छा लगा है तो आप इसे शेयर करना ना भूलें, क्युकी यह यह सबके पास शेयर करना बहुत जरुरी है।

धन्यबाद

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